महाराष्ट्र के सहकारी चीनी क्षेत्र को मिलेगा नया बल, अमित शाह ने 3,000 करोड़ रुपये की दो बड़ी योजनाओं की घोषणा की
महाराष्ट्र के सहकारी चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की है। प्रत्येक परियोजना की अनुमानित लागत 1,500 करोड़ रुपये है, जिससे कुल निवेश 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इन पहलों का लक्ष्य चीनी मिलों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का है।
कोल्हापुर जिले में प्रस्तावित पहली परियोजना एक साझा सहकारी सुविधा केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी। इस केंद्र का लाभ उन चीनी मिलों को मिलेगा जो अपने स्तर पर एथेनॉल, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), साइट्रिक एसिड और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन संयंत्र स्थापित नहीं कर सकतीं। इस व्यवस्था से मिलों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा और उनका व्यवसाय केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा।
अमित शाह के अनुसार, परियोजना से होने वाले आर्थिक लाभ को सहकारी क्षेत्र की विभिन्न चीनी मिलों के बीच साझा किया जाएगा। राज्य सरकार से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद परियोजना पर शीघ्र कार्य शुरू करने की योजना है।
दूसरी परियोजना का मुख्य उद्देश्य सहकारी उद्योगों के लिए आधुनिक मशीनरी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत डेयरी, एथेनॉल, सीबीजी और साइट्रिक एसिड जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक उपकरणों के निर्माण और आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और लागत कम करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार चीनी उद्योग को अधिक आत्मनिर्भर और लाभदायक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि देश में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने उल्लेखनीय प्रगति की है और इससे चीनी मिलों को आय का एक नया स्रोत प्राप्त हुआ है। एथेनॉल पर कर दरों में कमी जैसे कदमों ने भी उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद की है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्षों में चीनी उद्योग को कर राहत और वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे कई मिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। सहकारी संस्थाओं को ऋण सहायता उपलब्ध कराने और किसानों तक सीधे वित्तीय लाभ पहुंचाने जैसी योजनाओं का भी उद्योग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों ने चीनी उद्योग को नई दिशा दी है। उनका मानना है कि एथेनॉल, जैव ऊर्जा और मूल्यवर्धित उत्पादों पर बढ़ता फोकस आने वाले वर्षों में सहकारी चीनी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई परियोजनाओं से महाराष्ट्र की चीनी मिलों की आय बढ़ेगी, किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा और राज्य में जैव ईंधन तथा हरित ऊर्जा क्षेत्र को भी मजबूती प्राप्त होगी।

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